अगर आप बिहार में रहते हैं और खुद का बिज़नेस शुरू करने का सपना देखते हैं, लेकिन पूंजी की कमी आपको रोक रही है, तो आपके लिए एक शानदार मौका है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026 के तहत राज्य सरकार पात्र युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्ग के लोगों को ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता दे रही है।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि कुल राशि का 50% यानी ₹5 लाख अनुदान (सब्सिडी) के रूप में मिलता है, जिसे वापस नहीं करना होता। शेष ₹5 लाख ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है, जिसे आसान मासिक किस्तों में चुकाना होता है।
इस लेख में हम आपको योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में देंगे – पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, चयन प्रक्रिया और लोन वापसी की पूरी डिटेल।
योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026 |
| राज्य | बिहार |
| संचालित विभाग | उद्योग विभाग, बिहार सरकार |
| कुल सहायता राशि | ₹10 लाख |
| अनुदान | ₹5 लाख (वापस नहीं करना) |
| ऋण राशि | ₹5 लाख (ब्याज मुक्त) |
| आवेदन प्रक्रिया | पूरी तरह ऑनलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | udyami.bihar.gov.in |
| लक्ष्य | 10,000 लाभार्थी (2025-26) |
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना क्या है?
यह योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और बेरोजगारी कम करना है।
इस योजना के तहत चयनित आवेदक को अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
योजना के प्रमुख घटक इस प्रकार हैं:
- SC/ST उद्यमी योजना
- अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना
- महिला उद्यमी योजना
- युवा उद्यमी योजना
- अल्पसंख्यक उद्यमी योजना
योजना के प्रमुख लाभ
1. ₹10 लाख तक की सहायता – चयनित लाभार्थी को व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की राशि प्रदान की जाती है। यह राशि उद्योग की मशीनरी, कच्चा माल, किराया, सेटअप और अन्य शुरुआती खर्चों को पूरा करने में मदद करती है। इससे नए उद्यमियों को शुरुआत में आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ता और वे आत्मविश्वास के साथ अपना काम शुरू कर सकते हैं।
2. 50% सब्सिडी – ₹5 लाख पूरी तरह अनुदान के रूप में दिए जाते हैं, जिन्हें वापस नहीं करना होता। यह सरकार की ओर से सीधी आर्थिक सहायता है, जिससे लाभार्थी पर ऋण का बोझ कम हो जाता है। अनुदान मिलने से व्यवसाय की लागत आधी रह जाती है और जोखिम भी कम हो जाता है।
3. ब्याज मुक्त ऋण – ₹5 लाख की शेष राशि बिना ब्याज के 84 महीनों में चुकानी होती है। ब्याज न होने के कारण मासिक किस्तें कम और सुविधाजनक रहती हैं। इससे लाभार्थी को व्यवसाय से होने वाली आय को बढ़ाने और स्थिर करने के लिए पर्याप्त समय मिलता है।
4. बिना गारंटी लोन – इस योजना के तहत किसी भी प्रकार की संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास संपत्ति नहीं है। बिना कोलेटरल के लोन मिलने से अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकते हैं।
5. निःशुल्क प्रशिक्षण – चयनित लाभार्थियों को उद्योग संचालन, मार्केटिंग, अकाउंटिंग और प्रबंधन से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। यह प्रशिक्षण नए उद्यमियों को व्यवसाय की बारीकियों को समझने और उसे सफलतापूर्वक चलाने में मदद करता है। सही मार्गदर्शन मिलने से असफलता की संभावना कम हो जाती है।
6. पारदर्शी चयन प्रक्रिया – चयन कंप्यूटरीकृत रैंडम प्रणाली के माध्यम से किया जाता है, जिससे प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहती है। किसी प्रकार की सिफारिश या पक्षपात की गुंजाइश नहीं होती। इससे योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिलता है।
सब्सिडी और ऋण की संरचना
| घटक | राशि | वापसी |
|---|---|---|
| अनुदान (Grant) | ₹5 लाख | नहीं |
| ब्याज मुक्त ऋण | ₹5 लाख | 84 किस्तों में |
| कुल सहायता | ₹10 लाख | — |
नोट: युवा उद्यमी श्रेणी में ऋण पर 1% ब्याज लागू हो सकता है।
पात्रता शर्तें
आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप निम्न शर्तें पूरी करते हैं:
- बिहार के स्थायी निवासी हों
- आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो
- न्यूनतम 12वीं / ITI / Diploma / Polytechnic उत्तीर्ण
- SC/ST/OBC/महिला/युवा/अल्पसंख्यक वर्ग से संबंधित
- स्वयं के नाम पर Current Bank Account हो
इन लोगों को लाभ नहीं मिलेगा:
- सरकारी कर्मचारी (₹15,000 से अधिक वेतन वाले)
- अन्य उद्योग योजना का लाभ ले चुके व्यक्ति
- निर्वाचित जन प्रतिनिधि
- 6 माह से अधिक कारावास प्राप्त व्यक्ति
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन के समय इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक / कैंसिल चेक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- हस्ताक्षर
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
स्वीकृत परियोजनाएं (Projects List)
योजना के तहत लगभग 50 स्वीकृत उद्योग विकल्प दिए गए हैं, जैसे:
- IT बिजनेस सेंटर
- स्टील फर्नीचर निर्माण
- आइसक्रीम उत्पादन
- आटा/बेसन यूनिट
- इलेक्ट्रिक व्हीकल असेंबलिंग
- ऑटो गैरेज
- कंप्यूटर हार्डवेयर सर्विस
- गारमेंट्स यूनिट
- डिटर्जेंट और साबुन निर्माण
- दाल मिल / तेल मिल
- बेकरी प्रोडक्ट्स
- मखाना प्रोसेसिंग
- मसाला उत्पादन
- फ्लेक्स प्रिंटिंग
- ढाबा / होटल / फूड ऑन व्हील्स
आवेदन के बाद प्रोजेक्ट बदलना संभव नहीं है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
- आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in पर जाएं।
- Login / Registration पर क्लिक करें।
- New Registration चुनें और आधार नंबर दर्ज करें।
- OTP से मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
- आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत व शैक्षणिक जानकारी भरें।
- प्रोजेक्ट सूची से व्यवसाय चुनें।
- सभी दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म जांचकर Submit करें।
- Acknowledgement Number सुरक्षित रखें।
चयन प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन प्राप्त
- जिला-वार लक्ष्य के अनुसार छंटनी
- कंप्यूटरीकृत रैंडम चयन
- दस्तावेज सत्यापन
- अंतिम चयन सूची जारी
- प्रशिक्षण
- DBT के माध्यम से राशि जारी
लोन वापसी की जानकारी
- ऋण राशि: ₹5 लाख
- अवधि: 7 वर्ष (84 माह)
- अनुमानित मासिक किस्त: लगभग ₹6,000
- भुगतान शुरू: उद्योग स्थापना के 6 महीने बाद
| प्रकार | राशि | ब्याज |
|---|---|---|
| अनुदान | ₹5 लाख | 0% |
| ब्याज मुक्त ऋण | ₹5 लाख | 0% |
| युवा श्रेणी ऋण | ₹5 लाख | 1% |
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2026 बिहार के युवाओं और महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। ₹10 लाख की सहायता में ₹5 लाख की सब्सिडी इसे बेहद आकर्षक बनाती है। यदि आप पात्र हैं और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह मौका बिल्कुल न गंवाएं।
सभी दस्तावेज तैयार रखें और आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समय रहते आवेदन करें।


