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स्मार्ट मीटर को हटाकर पुराना मीटर कैसे लगवाएं? बिजली विभाग में शिकायत और प्रार्थना पत्र (How to Replace Smart Meters with Postpaid Meters?)

आज के डिजिटल युग में भारत सरकार और राज्य के बिजली विभागों द्वारा पूरे देश में तेजी से पुराने बिजली मीटरों को हटाकर ‘स्मार्ट मीटर’ (Smart Meter) लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर का मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी को रोकना, सटीक बिलिंग करना और उपभोक्ताओं को प्रीपेड तथा पोस्टपेड दोनों तरह की सुविधाएं प्रदान करना है। लेकिन, पिछले कुछ समय से कई उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगने के बाद भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या जो सामने आ रही है, वह है बिजली के बिल में अचानक से बेतहाशा वृद्धि होना। कई घरों में जहां पहले बिल 500 रुपये आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद वह हजारों में आने लगा है।

ऐसे में कई उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि “स्मार्ट मीटर को हटाकर पुराना मीटर कैसे लगवाएं?” या “बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर की शिकायत कैसे करें?” यह लेख विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो अपने वर्तमान स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। इस विस्तृत लेख में हम आपको स्मार्ट मीटर को चेक करवाने, उसे बदलवाने, बिजली विभाग में प्रार्थना पत्र लिखने का सही तरीका, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देंगे। यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी ताकि आप अनावश्यक आर्थिक नुकसान से बच सकें।

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विवरण (Particulars)महत्वपूर्ण जानकारी (Key Information)
मुख्य समस्या का कारणस्मार्ट मीटर का बहुत तेज भागना, डिस्प्ले खराब होना या अचानक हजारों का बिल आना।
शिकायत दर्ज करने के तरीकेऑफलाइन (स्थानीय बिजली घर जाकर) और ऑनलाइन (विभागीय वेबसाइट/ऐप के माध्यम से)।
सर्वमान्य टोल-फ्री हेल्पलाइन1912 (यह नंबर भारत के लगभग हर राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए काम करता है)।
प्रार्थना पत्र किसे लिखें?स्थानीय उप-खंड अधिकारी (SDO – Sub Divisional Officer) या कनिष्ठ अभियंता (JE)।
आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेजउपभोक्ता का आधार कार्ड, एक पुराना सही बिल, नया ज्यादा राशि वाला बिल और मीटर की स्पष्ट फोटो।
विभागीय जांच प्रक्रियाशिकायत के बाद विभाग आपके पुराने मीटर के बगल में एक ‘चेक मीटर’ (Check Meter) लगाता है।
चेक मीटर (टेस्टिंग) की फीसलगभग ₹100 से ₹300 (यह शुल्क अलग-अलग राज्यों और किलोवाट लोड के अनुसार भिन्न हो सकता है)।
प्रक्रिया में लगने वाला समयचेक मीटर लगने और रीडिंग की तुलना करके समाधान होने में 7 से 15 कार्य दिवस का समय लगता है।
बिल संशोधन (Bill Revision)यदि जांच में आपका स्मार्ट मीटर खराब/तेज निकलता है, तो विभाग बिना अतिरिक्त शुल्क के बिल कम कर देता है।
क्या पुराना मीटर दोबारा लगेगा?नहीं, सरकारी नियमों के तहत खराब होने पर आपका मीटर बदलकर एक नया और सही ‘स्मार्ट मीटर’ ही लगाया जाएगा।

बिजली विभाग को शिकायत प्रार्थना पत्र कैसे लिखें? (How to Write Complaint Letter)

अपने मीटर की जांच या उसे बदलवाने के लिए अधिकारी को एक सटीक और स्पष्ट पत्र लिखना बहुत जरूरी है। आप नीचे दिए गए प्रारूप का उपयोग कर सकते हैं:

सेवा में,

उप-खंड अधिकारी (SDO) / कनिष्ठ अभियंता (JE)

विद्युत वितरण उपखंड, (अपने बिजली घर का नाम और पता लिखें)

(शहर का नाम, राज्य)

विषय: स्मार्ट मीटर के तेज चलने और अत्यधिक बिल आने के संबंध में शिकायत व मीटर बदलवाने हेतु प्रार्थना पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मेरा नाम (अपना नाम लिखें) है और मैं (अपना पूरा पता लिखें) का निवासी हूँ। मेरा विद्युत संयोजन / उपभोक्ता संख्या (अपना Account Number / Consumer Number लिखें) है, जो कि (किलोवाट) KW का घरेलू कनेक्शन है।

महोदय, मेरे घर पर पिछले कुछ महीनों पहले विभाग द्वारा नया ‘स्मार्ट मीटर’ लगाया गया था। मैं आपको अवगत कराना चाहता हूँ कि पुराना मीटर लगे होने पर मेरा मासिक बिल औसतन (पुराने बिल की राशि, जैसे- 500 से 600) रुपये आता था। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद से मेरा बिल अचानक बढ़कर (नए बिल की राशि, जैसे- 3000 से 4000) रुपये आने लगा है, जबकि मेरे घर में बिजली के उपकरणों के उपयोग में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

मुझे पूरा अंदेशा है कि यह नया स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से खराब है और बहुत तेज भाग रहा है (Jumping)। इस अत्यधिक बिल का भुगतान करना मेरे लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे घर पर ‘चेक मीटर’ (Check Meter) लगवाकर इस स्मार्ट मीटर की जांच कराने की कृपा करें। यदि मीटर खराब पाया जाता है, तो कृपया इसे बदलकर सही मीटर लगाने और मेरे वर्तमान बिल को संशोधित करने का कष्ट करें। मैं मीटर टेस्टिंग का निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए तैयार हूँ।

संलग्नक (Enclosures):

  1. पिछले सही बिल की छायाप्रति
  2. वर्तमान अधिक राशि वाले बिल की छायाप्रति
  3. आधार कार्ड की छायाप्रति

धन्यवाद।

भवदीय,

हस्ताक्षर: (अपने हस्ताक्षर करें)

नाम: (अपना नाम)

पता: (पूरा पता)

मोबाइल नंबर: (अपना नंबर)

दिनांक: (तारीख)

विभिन्न राज्यों के बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और टोल-फ्री नंबर

शिकायत दर्ज करने या ऑनलाइन बिल चेक करने के लिए हमेशा बिजली विभाग की आधिकारिक (Official) वेबसाइट का ही उपयोग करें। नीचे कुछ प्रमुख राज्यों के बिजली विभागों के आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं:

1. उत्तर प्रदेश (UPPCL)

  • आधिकारिक वेबसाइट: www.upenergy.in
  • टोल-फ्री नंबर (शहरी क्षेत्र): 1800-180-1565 या 1912
  • टोल-फ्री नंबर (ग्रामीण क्षेत्र): 1800-180-8752
  • स्मार्ट मीटर हेल्पलाइन: 1800-180-1912

2. बिहार (NBPDCL / SBPDCL)

  • नॉर्थ बिहार (NBPDCL) लिंक: nbpdcl.co.in
  • साउथ बिहार (SBPDCL) लिंक: sbpdcl.co.in
  • टोल-फ्री शिकायत नंबर: 1912

3. मध्य प्रदेश (MPPKVVCL / MPCZ)

  • आधिकारिक वेबसाइट (मध्य क्षेत्र): mpcz.co.in
  • स्मार्ट बिजली ऐप: MPB App
  • टोल-फ्री नंबर: 1912

4. राजस्थान (JVVNL / AVVNL)

  • आधिकारिक वेबसाइट: energy.rajasthan.gov.in
  • जयपुर डिस्कॉम टोल-फ्री: 1800-180-6045
  • सामान्य हेल्पलाइन: 1912

5. दिल्ली (BSES / Tata Power)

  • BSES राजधानी वेबसाइट: bsesdelhi.com
  • टाटा पावर वेबसाइट: tatapower-ddl.com
  • हेल्पलाइन नंबर: 19123 (BSES)

स्मार्ट मीटर हटाने या बदलने की शिकायत करने के मुख्य कारण और फायदे

जब आप बिजली विभाग में मीटर बदलने या उसकी शिकायत दर्ज करते हैं, तो इसके पीछे कुछ वैध कारण होने चाहिए। आइए जानते हैं कि लोग किन कारणों से स्मार्ट मीटर की शिकायत करते हैं और इसे सही करवाने के क्या फायदे हैं:

  • बिल का अचानक बढ़ जाना: सबसे मुख्य कारण बिजली के बिल में अप्रत्याशित वृद्धि है। स्मार्ट मीटर काफी संवेदनशील होते हैं और छोटी सी लीकेज या अर्थिंग की समस्या को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं।
  • मीटर का तेज भागना (Jumping): कई उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि घर के सारे उपकरण बंद होने के बावजूद मीटर की रीडिंग तेजी से बढ़ती रहती है।
  • बैलेंस का तेजी से कटना: प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बिना उपयोग के ही बैलेंस बहुत जल्दी खत्म हो जाना।
  • डिस्प्ले खराब होना: मीटर की स्क्रीन या डिस्प्ले में रीडिंग का साफ दिखाई न देना।
  • ऑटोमैटिक पावर कट: स्मार्ट मीटर में लगे रिले (Relay) में खराबी आने के कारण बार-बार बिना किसी फॉल्ट के बिजली कट जाना।

शिकायत करने और मीटर सही करवाने के फायदे:

  1. सही बिलिंग: मीटर की जांच या बदलाव के बाद आप केवल उसी बिजली का पैसा देंगे जिसका आपने उपयोग किया है।
  2. आर्थिक बचत: गलत मीटर के कारण हर महीने होने वाले हजारों रुपये के नुकसान से बचाव होगा।
  3. मानसिक शांति: बार-बार बिजली कटने और ज्यादा बिल आने के तनाव से मुक्ति मिलेगी।
  4. पारदर्शिता: चेक मीटर (Check Meter) लगने से आपको यह पता चल जाएगा कि गलती पुराने मीटर में थी या आपके घर की वायरिंग में।

पुराना मीटर लगवाने या स्मार्ट मीटर बदलने की पात्रता (Eligibility Criteria)

यह ध्यान रखना बहुत आवश्यक है कि सरकारी नियमों के अनुसार, यदि आपके क्षेत्र में स्मार्ट मीटर अनिवार्य कर दिए गए हैं, तो आप अपनी व्यक्तिगत मर्जी से बिना किसी ठोस कारण के स्मार्ट मीटर हटाकर पुराना सामान्य मीटर नहीं लगवा सकते। लेकिन, आप निम्नलिखित परिस्थितियों (पात्रता) में मीटर बदलने या जांच की मांग कर सकते हैं:

  1. अप्रत्याशित बिल वृद्धि: यदि आपका वर्तमान बिल पिछले एक साल के औसत बिल से 2 से 3 गुना ज्यादा आ रहा है।
  2. मीटर में तकनीकी खराबी: यदि आपका स्मार्ट मीटर पूरी तरह से जल गया है या डैमेज हो गया है।
  3. मीटर टेस्टिंग में फेल होना: यदि बिजली विभाग द्वारा लगाए गए “चेक मीटर” (समानांतर मीटर) की रीडिंग और आपके स्मार्ट मीटर की रीडिंग में बहुत बड़ा अंतर पाया जाता है।
  4. डिस्प्ले संबंधी समस्या: यदि रीडिंग नोट करने के लिए डिस्प्ले काम नहीं कर रहा है।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

बिजली विभाग में स्मार्ट मीटर की शिकायत करने और मीटर बदलने का आवेदन करने के लिए आपके पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज होने चाहिए। इनकी सूची नीचे दी गई है:

क्र.सं.दस्तावेज का नाम (Document Name)उपयोग / विवरण (Usage/Details)
1.आधार कार्ड (Aadhaar Card)उपभोक्ता की पहचान प्रमाणित करने के लिए।
2.पुराने बिजली के बिल (Old Electricity Bills)पिछले कुछ महीनों के बिल, जिनमें बिल कम आता था (तुलना के लिए)।
3.नया/ज्यादा आया हुआ बिल (New High Bill)स्मार्ट मीटर लगने के बाद आया अधिक राशि वाला बिल।
4.मीटर की फोटो (Photo of Meter)मीटर के डिस्प्ले की वर्तमान फोटो जिसमें रीडिंग दिख रही हो।
5.शिकायत प्रार्थना पत्र (Application Letter)जेई (JE) या एसडीओ (SDO) के नाम लिखा गया विस्तृत पत्र।
6.मोबाइल नंबर (Mobile Number)विभाग से संपर्क और अपडेट प्राप्त करने के लिए।

स्मार्ट मीटर की शिकायत और आवेदन प्रक्रिया (Application Process)

मीटर बदलवाने या उसकी जांच (Testing) करवाने के लिए आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों का उपयोग कर सकते हैं।

1. ऑफलाइन प्रक्रिया (Offline Application Process)

यह सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला और प्रभावी तरीका है। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. प्रार्थना पत्र तैयार करें: सबसे पहले अपने क्षेत्र के उप-खंड अधिकारी (SDO) या कनिष्ठ अभियंता (JE) के नाम एक स्पष्ट प्रार्थना पत्र लिखें। (प्रार्थना पत्र का प्रारूप नीचे दिया गया है)।
  2. दस्तावेज संलग्न करें: पत्र के साथ अपना आधार कार्ड, पुराना बिल, नया बिल और मीटर की फोटो की फोटोकॉपी स्टेपल करें।
  3. बिजली घर (सब-स्टेशन) जाएं: अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर संबंधित अधिकारी से मिलें और उन्हें अपनी समस्या विस्तार से बताएं।
  4. चेक मीटर (Check Meter) का शुल्क जमा करें: अधिकारी आपकी शिकायत के आधार पर ‘चेक मीटर’ लगाने का आदेश देंगे। आपको विभाग के काउंटर पर इसके लिए एक निर्धारित शुल्क (लगभग 100 से 200 रुपये, राज्य के अनुसार अलग-अलग) जमा करना होगा और रसीद प्राप्त करनी होगी।
  5. चेक मीटर की स्थापना: कुछ दिनों के भीतर लाइनमैन आपके घर आएगा और आपके स्मार्ट मीटर के ठीक बगल में एक अन्य सही मीटर (चेक मीटर) लगा देगा।
  6. रीडिंग की तुलना: लगभग 7 से 15 दिनों तक दोनों मीटरों की रीडिंग मापी जाएगी। यदि स्मार्ट मीटर की रीडिंग चेक मीटर से ज्यादा पाई जाती है, तो आपके स्मार्ट मीटर को तकनीकी रूप से खराब माना जाएगा।
  7. मीटर का बदलाव: खराब साबित होने पर विभाग बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आपका मीटर बदल देगा और आपके गलत बिल को भी संशोधित (Bill Revise) कर देगा।

2. ऑनलाइन प्रक्रिया (Online Application Process)

यदि आप कार्यालय नहीं जाना चाहते हैं, तो आप घर बैठे ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  1. टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: भारत के लगभग हर राज्य में बिजली विभाग का टोल-फ्री नंबर 1912 है। इस पर कॉल करें, कस्टमर केयर अधिकारी को अपना उपभोक्ता नंबर (Account ID) बताएं और मीटर के तेज चलने की शिकायत दर्ज कराएं। आपको एक ‘Complaint Number’ दिया जाएगा।
  2. विभागीय वेबसाइट के माध्यम से: अपने राज्य के बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे UPPCL, NBPDCL, SBPDCL आदि) पर जाएं।
  3. शिकायत पोर्टल (Grievance Portal) खोलें: वहां ‘Register Complaint’ या ‘Consumer Grievance’ के विकल्प पर क्लिक करें।
  4. विवरण भरें: अपना अकाउंट नंबर, नाम, मोबाइल नंबर और समस्या का विवरण (जैसे- Meter Running Fast / Faulty Meter) चुनें।
  5. सबमिट करें: ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करें। विभाग द्वारा कुछ दिनों में लाइनमैन को जांच के लिए आपके पते पर भेजा जाएगा।

शिकायत की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?

आवेदन करने के बाद यह जानना जरूरी है कि आपके प्रार्थना पत्र पर क्या कार्रवाई हुई है। अपनी शिकायत की स्थिति जांचने के तरीके निम्नलिखित हैं:

तरीका (Method)स्थिति चेक करने की प्रक्रिया (Status Check Process)
ऑनलाइन वेबसाइट द्वाराराज्य के बिजली विभाग की वेबसाइट पर जाएं, ‘Track Complaint Status’ विकल्प पर क्लिक करें और अपना Complaint Number डालकर स्थिति देखें।
टोल-फ्री नंबर (1912) द्वारा1912 पर कॉल करें, आईवीआर (IVR) निर्देशों का पालन करें और कस्टमर केयर को अपना शिकायत नंबर बताकर स्टेटस पूछें।
मोबाइल ऐप द्वारायदि आपके राज्य के बिजली विभाग का आधिकारिक ऐप (जैसे UPPC Consumer App, Suvidha App) है, तो उसमें लॉगिन करके ‘My Complaints’ सेक्शन में जाएं।
ऑफलाइन कार्यालय जाकरअगर 7-10 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो अपनी रिसीविंग (पत्र की कॉपी) लेकर सीधे जेई या एसडीओ कार्यालय जाकर जानकारी लें।

स्मार्ट मीटर और सामान्य (पुराने) मीटर की तुलना (Comparison)

कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर स्मार्ट मीटर पुराने मीटर से अलग कैसे है। नीचे दी गई टेबल से आप इनके बीच का अंतर समझ सकते हैं:

विशेषताएं (Features)स्मार्ट मीटर (Smart Meter)पुराना मीटर (Digital/Analog Meter)
रीडिंग प्रक्रियाविभाग को ऑनलाइन और स्वचालित (Automatic) तरीके से रीडिंग मिल जाती है।लाइनमैन को घर आकर मैन्युअल रूप से रीडिंग नोट करनी पड़ती है।
बिलिंग मोडइसमें प्रीपेड (रिचार्ज) और पोस्टपेड दोनों सुविधाएं होती हैं।इसमें केवल पोस्टपेड (महीने के अंत में बिल) सुविधा होती है।
सटीकता (Accuracy)बेहद संवेदनशील। जरा सी भी अर्थ लीकेज होने पर भी रीडिंग बढ़ाता है।कम संवेदनशील। अर्थ लीकेज को ज्यादा आसानी से इग्नोर कर देता था।
कनेक्शन कटनाबिल न भरने या बैलेंस खत्म होने पर ऑफिस से ही ऑटोमैटिक बिजली कट जाती है।लाइनमैन को पोल पर चढ़कर मैन्युअल रूप से तार काटना पड़ता है।
उपभोक्ता नियंत्रणमोबाइल ऐप से लाइव खपत देखी जा सकती है।उपभोक्ता केवल महीने के अंत में कुल बिल देख सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या मैं अपनी मर्जी से स्मार्ट मीटर हटाकर पुराना एनालॉग मीटर लगवा सकता हूँ?

उत्तर: नहीं। सरकारी नीति के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। आप इसे अपनी मर्जी से हटा नहीं सकते। हां, अगर स्मार्ट मीटर खराब है, तो विभाग उसे बदलकर दूसरा नया और सही स्मार्ट मीटर या आवश्यकता पड़ने पर सामान्य डिजिटल मीटर लगा सकता है।

प्रश्न 2: स्मार्ट मीटर की जांच (Check Meter) का शुल्क कितना होता है?

उत्तर: यह शुल्क हर राज्य में अलग-अलग होता है। आमतौर पर घरेलू कनेक्शन (Single Phase) के लिए यह 100 रुपये से 300 रुपये के बीच होता है।

प्रश्न 3: अगर चेक मीटर में मेरा स्मार्ट मीटर खराब साबित हो जाता है, तो क्या मुझे एक्स्ट्रा बिल देना होगा?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। यदि जांच में स्मार्ट मीटर तेज चलता हुआ पाया जाता है, तो बिजली विभाग आपके उस महीने के बिल को संशोधित (Revise) करेगा और आपको केवल वास्तविक उपयोग का ही बिल भरना होगा। मीटर टेस्टिंग फीस भी आपके अगले बिल में एडजस्ट कर दी जाती है।

प्रश्न 4: स्मार्ट मीटर में बार-बार बैलेंस क्यों कट जाता है?

उत्तर: यदि आपका मीटर प्रीपेड है, तो फिक्स चार्ज, इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी और आपके दैनिक उपयोग के आधार पर प्रतिदिन बैलेंस कटता है। अगर आपके घर में कहीं अर्थिंग की समस्या है, तो वह भी यूनिट के रूप में काउंट होती है, जिससे बैलेंस जल्दी खत्म होता है।

प्रश्न 5: प्रार्थना पत्र किसके नाम पर लिखा जाता है?

उत्तर: मीटर से संबंधित कोई भी शिकायत या प्रार्थना पत्र हमेशा सब-स्टेशन के उप-खंड अधिकारी (SDO – Sub Divisional Officer) या कनिष्ठ अभियंता (JE – Junior Engineer) के नाम लिखा जाता है।

प्रश्न 6: शिकायत के कितने दिन बाद मीटर बदला या चेक किया जाता है?

उत्तर: सामान्यतः शिकायत दर्ज करने और शुल्क जमा करने के 3 से 7 कार्य दिवसों के भीतर लाइनमैन द्वारा चेक मीटर लगा दिया जाता है। समस्या का पूर्ण समाधान 15 से 20 दिनों में हो जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अंत में, यह समझना आवश्यक है कि तकनीकी अपग्रेडेशन के दौर में स्मार्ट मीटर एक सरकारी अनिवार्यता बन चुके हैं। हम पूरी तरह से स्मार्ट मीटर का बहिष्कार करके पुराने मीटर की ओर नहीं लौट सकते। परंतु, एक उपभोक्ता के रूप में यदि आपको लगता है कि आपका स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है या आपका बिजली का बिल अप्रत्याशित रूप से ज्यादा आ रहा है, तो आपको चुपचाप गलत बिल भरने की आवश्यकता नहीं है।

ऊपर बताई गई प्रक्रिया का पालन करते हुए आप आसानी से अपने बिजली विभाग में शिकायत प्रार्थना पत्र दे सकते हैं और चेक मीटर लगवाकर दूध का दूध और पानी का पानी कर सकते हैं। सही जानकारी, उचित दस्तावेजों और सही प्रक्रिया के साथ आवेदन करने पर बिजली विभाग आपकी समस्या का समाधान अवश्य करेगा। उम्मीद है कि स्मार्ट मीटर को हटाने या सही करवाने के विषय में यह विस्तृत लेख आपके लिए मददगार साबित हुआ होगा। यदि आपका कोई अन्य सवाल है, तो आप अपने नजदीकी विद्युत उपकेंद्र या टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।

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